सुल्तानपुर। बिना वैध लाइसेंस के मोहन हाथी के साथ पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम के जरिये जेल भेजे गए महावत रोजन अली की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को एफटीसी द्वितीय कोर्ट में सुनवाई चली। फास्ट ट्रैक कोर्ट जज राकेश ने मामले में आरोपी की जमानत के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए अर्जी स्वीकार कर ली और उसे रिहा करने का आदेश दिया है।
अयोध्या जिले के खंडासा थाना के भीखी का पुरवा निवासी रोजन अली को हलियापुर क्षेत्र से वन विभाग कर्मियों ने बीते 14 जुलाई की सुबह गिरफ्तार किया था। उस पर बिना वैध लाइसेंस के मोहन नाम के हाथी को लेकर चलने का आरोप है। रोजन अली के मुताबिक, बंधुआकलां थाने के देवलपुर की रहने वाली रेशमी पत्नी स्व. राम चंद्र यादव हाथी की मालकिन है। महावत रोजन को जेल भेजने की कार्रवाई की गई थी। रोजन अली की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर एफटीसी द्वितीय की अदालत में सुनवाई चली। इस दौरान बचाव पक्ष ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध तरीके से अपनी कस्टडी में रखने के बाद अगले दिन सीजेएम कोर्ट में रिमांड पेश करने एवं अधिकतम साल की सजा के अपराध में फर्जी मामला बनाकर जेल भेजने का आरोप लगाया।
वन विभाग के खिलाफ आवेदन के बाद भी लाइसेंस न जारी करने का आरोप लगा है। इधर, वन विभाग की तरफ से नियुक्त अधिवक्ता ने जमानत पर विरोध जाहिर किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात जज राकेश ने महावत रोजन अली की जमानत मंजूर कर ली है।