सुल्तानपुर। भीषण उमस शुरू होते ही जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। आपूर्ति की स्थिति यह है कि सुबह से रात 10 बजे तक खासकर शहरी क्षेत्र में हर घंटे पांच से सात बार बिजली कटौती हो रही है।
हर घंटे कटौती से लोगों से इंवर्टर समेत अन्य गर्मी से बचाव के संयंत्र बिना काम के साबित हो रहे हैं। बिजली की खपत बढ़ने से विद्युत वितरण के संयंत्र लोड नहीं ले पा रहे हैं। संयंत्रों के ट्रिप करने का खामियाजा जिले के करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में करीब दो वर्ष बाद फिर बिजली कटौती की जबरदस्त समस्या शुरू हो गई है। हालांकि इस बीच विद्युत वितरण अपनी क्षमता बढ़ाने एवं नए संयंत्रों की स्थापना करने का दावा कर रहा है लेकिन आपूर्ति ढर्रे से उतर गई है।
उमस बढ़ने से बिजली की कटौती ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। स्थिति यह है कि सुबह से रात 10 बजे तक खासकर शहरी क्षेत्र में हर घंटे पांच से सात बार औसतन बिजली कटौती हो रही है।
हर घंटे में इतनी कटौती से खासकर शहर के लोगों की दिनचर्या बाधित हो रही है। लोगों को पानी की दिक्कत के साथ गर्मी से बचाव के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में लगे इंवर्टर एवं अन्य संयंत्र चार्ज नहीं होने की वजह से वे चल नहीं पा रहे हैं।
शहर के विवेकनगर, निराला नगर, करौंदिया, विनोबापुरी, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, शास्त्रीनगर, गभड़िया समेत अन्य मोहल्लों के लोग कई बार तो छतों पर लेटकर रात गुजार रहे हैं। सूत्रों की मानें तो गर्मी में लोड बढ़ने से वितरण के संयंत्र ओवरलोड होकर बार-बार ट्रिप कर जा रहे हैं।
कभी-कभी तो स्वयं वितरण के कर्मी ही ओवरलोडिंग की दशा में अपने संयंत्रों को बचाने के लिए बिजली को ट्रिप कर रहे हैं। लगातार कटौती से 3,44,360 उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत के आंकड़ों की मानें तो जिले में मौजूदा समय का लोड 110 से बढ़कर 165 मेगावाट तक पहुंच गया है। उमस के बीच लोड बढ़ने से वितरण के जर्जर संयंत्र व लाइनें लोड नहीं ले पा रही हैं। लोड बढ़ते ही लाइन क्षतिग्रस्त होने लगती हब्ं। उपकेंद्र के संयंत्र ओवरलोड होने लगते हैं। सूत्रों की मानेें तो इसे देेखते हुए बिजली ट्रिप कर दी जा रही है।
जिले में मौजूदा समय में कुल 3,44,360 उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी क्षेत्र के 28,576 उपभोक्ता शामिल हैं। 10 किलोवाट से ऊपर के 935 कनेक्शन धारक भी कुल उपभोक्ताओं में हैं।
व्यावसायिक क्षेत्र को छोड़ दिया जाय तो घरेलू उपभोक्ताओं के साथ खासकर शहरी क्षेत्र में यह समस्या बनी है। हर घंटे में पांच से सात बार तक हो रही कटौती की शिकायतें अमूमन नहीं होने से वितरण के अधिकारी इससे अनजान बने हैं। अधिशाषी अभियंता प्रथम बालकृष्ण प्रजापति का कहना है कि ऐसी शिकायतें नहीं मिल रही हैं। इसे उपकेंद्र पर बैठकर देखा जाएगा।
अधीक्षण अभियंता असलम हुसैन का कहना है कि गर्मी के दिनों में बिजली का लोड बढ़ा है। इसकी वजह से कुछ दिक्कतें आ रही हैं लेकिन इतनी कटौती नहीं हो रही है। कुछ क्षेत्रों की समस्याएं आई हैं। उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।