सुल्तानपुर। बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना वरदान बनकर उभरी है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई वृद्धजनों को इस योजना ने नई जिंदगी दी है। मार्च माह में ही जिले के 250 से अधिक बुजुर्गों का निशुल्क इलाज किया गया है।
अब तक जिले में 12,410 लोगों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है। जिनमें से 9,832 लोगों को लाभार्थी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। शेष 2,578 आवेदक प्रक्रिया में हैं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज, सरकारी अस्पतालों के साथ ही 33 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।
केस-एक
एक महिला को अचानक हार्ट अटैक आया था। निजी अस्पताल में भर्ती करने के बाद एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ी, जिसकी लागत करीब 1.5 लाख रुपये थी। आयुष्मान कार्ड के चलते इलाज मुफ्त हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
केस-दो
जगन्नाथ का कूल्हा टूट गया था। डॉक्टरों ने कूल्हा प्रत्यारोपण की सलाह दी, पर खर्च सुनकर परिवार परेशान था। उन्होंने वय वंदना योजना में आवेदन किया और इलाज मेडिकल कॉलेज में हुआ। करीब 1.16 लाख रुपये का खर्च आया, जो योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त रहा। अब वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
योजना से कई बुजुर्गों को मिला लाभ
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव ने बताया कि विद्या देवी, राम पदारथ पांडेय, प्रभावती देवी, दुर्गा प्रसाद, नसीमुल निशा, त्रिवेणी सिंह, रफी उल्ल और छठ्ठू जैसे कई बुजुर्गों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल चुका है।
चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी बुजुर्ग आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे हर पात्र व्यक्ति योजना से जुड़ सके।
- डॉ. भारत भूषण, सीएमओ