सुल्तानपुर। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को पांच वर्षीय मासूम से दुष्कर्म व अन्य आरोपों से जुड़े करीब 20 माह पुराने मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने इस मामले में आरोपी वृद्ध मजदूर वीरेंद्र चौहान को दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट के अपराध में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय की है।
कोतवाली देहात थाने के एक गांव की रहने वाली पांच वर्षीय पीड़िता की मां ने 20 जून 2024 की घटना बताते हुए स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक उनके यहां मकान निर्माण का कार्य चल रहा था। वादिनी ने अपने यहां काम कर रहे मजदूर वीरेंद्र चौहान को पानी का मोटर चलाने के लिए कहा। आरोपी मजदूर मोटर चलाने के लिए गया और मौका पाकर उनकी मासूम पुत्री से दुष्कर्म किया। इस मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट की अदालत में चला। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मजदूर होने की वजह से गलत तरीके से फंसाने की बात कही। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी वीरेंद्र चौहान को मामले में दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। संवाद