बिरसिंहपुर 100 बेड अस्पताल में बंद ईएनटी कक्ष।
सेमरीबाजार। विरसिंहपुर स्थित 100 बेड के अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल रहीं। स्थिति यह रही कि यहां तैनात 13 चिकित्सकों में से आठ डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रहे। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। अस्पताल में बाल, महिला, हड्डी, दंत रोग, सर्जन और इमरजेंसी मेडिकल स्टाॅफ को मिलाकर कुल 13 डॉक्टरों की तैनाती है। सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक ओपीडी के फिजिशियन कक्ष में ईएमओ डॉ. शिवम मिश्रा, डॉ. जयसिंह, हड्डी रोग क्लीनिक में डॉ. सोहन स्वरूप, महिला रोग क्लीनिक में डॉ. गिरिजेश पांडेय और बाल रोग क्लीनिक में डॉ. आफताब रजा मरीजों देख रहे थे।
दंत रोग क्लीनिक में फार्मासिस्ट मरीजों को देख रहे थे। रेडियोलॉजिस्ट के न रहने से अल्ट्रासाउंड की सेवा भी ठप रही। यहां पर सप्ताह में एक ही दिन अल्ट्रासाउंड हो पाता है। अजीत, हरिकेश, रमेश कुमार, मनीष, महेश वर्मा में बताया कि खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत पर फिजिशियन को दिखाने आए थे, लेकिन अस्पताल में फिजिशियन ही नहीं हैं, इसलिए दूसरे डॉक्टर से जो दवा मिली है, वहीं लेकर जा रहे है। गया प्रसाद ने बताया कि कान में दर्द हो रहा था और देव प्रकाश ने बताया कि गले में खराश व दर्द महसूस हो रहा था। ईएनटी डॉक्टर को दिखाने आए थे लेकिन, अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ ही नहीं है। अब जिला मुख्यालय पर निजी चिकित्सक को अधिक पैसा देकर इलाज कराना पड़ेगा।
नहीं होता सिजेरियन प्रसव
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजेश पांडेय ने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन से पहले अल्ट्रासाउंड, रक्त परीक्षण, सीबीसी, एचआईवी समेत कई जरूरी जांचें करना अनिवार्य होता है। फिलहाल अस्पताल में इन जांचों की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सिजेरियन प्रसव नहीं हो पा रहा है।
अनुपस्थित चिकित्सकों से लिया जाएगा स्पष्टीकरण
प्रभारी डॉ. भास्कर ने बताया कि अनुपस्थित चिकित्सकों के बारे में जानकारी है। रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज से भी संबद्ध हैं, इसलिए एक दिन ही यहां आते हैं, इसके अलावा जो चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे, उनसे जवाब मांगा जाएगा। दो-तीन डॉक्टर थोड़ा देर से पहुंचे थे, उन सभी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।