सुल्तानपुर। जिले में उद्यान विभाग की ओर से संचालित प्रधानमंत्री कृषि योजना पर ग्रहण लग गया है। कोरोना संक्रमण काल में स्प्रिंकलर सेट और ड्रिप उपकरण से सिंचाई करने वाले सैकड़ों किसान लाभ पाने से वंचित हो गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से सहायता राशि नहीं दिए जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेतों में सिंचाई की समस्या के निदान के लिए जल संरक्षण साधनों के निर्माण का क्रियान्वयन करना है, ताकि जिले में कृषि क्षेत्र को पानी उपलब्ध हो सके। सिंचाई के आधुनिक तकनीक का उपयोग करके कम पानी में अच्छी तरह से कृषि कार्य किया जाय।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसमें लघु एवं सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान मिलता है। इसके लिए 55 फीसदी केंद्र सरकार और 35 फीसदी राज्य सरकार अतिरिक्त राज्यांश सहायता राशि उपलब्ध कराती है।
जिले में तमाम किसानों ने खेतों की सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर सेट व ड्रिप सिस्टम के उपकरणों की खरीद उद्यान विभाग में आवेदन के जरिए की है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण की वजह से प्रदेश सरकार ने सहायता राशि देने से इंकार कर दिया है। इससे जिले के सैकड़ों किसान अनुदान राशि से वंचित हो गए हैं।
सुल्तानपुर। करौंदीकलां विकास खंड क्षेत्र के प्रगतिशील किसान जगदीश सिंह का कहना है कि विभाग की मिलीभगत से अधिकृत कंपनियों के डीलर कंपनी के साथ ही स्थानीय दुकानदारों के यहां से भी किसानों से घटिया क्वालिटी के सिंचाई उपकरण की खरीद करवा रहे हैं।
किसानों के खेतों में ब्रांडेड कंपनी का सिंचाई उपकरण नहीं लगाए जाने से वे जल्दी खराब हो जा रहे हैं। इससे किसानों को मिलने वाले अनुदान का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने बाराबंकी की तर्ज पर प्रमुख सचिव उद्यान से ड्रिप इरीगेशन का सत्यापन कराए जाने की मांग की है।