जिले में किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की ई-ऑक्शन योजना की शुरुआत मंडी परिषद में हो गई है। इसके तहत जनपद के किसान अपनी उपज के वाजिब दाम के साथ ऑनलाइन नेशनल मार्केट से जुड़ेंगे। ई-टेंडरिंग वाली किसी भी मंडी में कृषक अपने उत्पाद खरीद और बेच सकेंगे।
बृहस्पतिवार से मंडी परिषद में राष्ट्रीय कृषि बाजार मिशन के तहत ई-ऑक्शन योजना की शुरुआत की गई जिसके तहत अब जिले के किसान कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय बाजार से जुड़ सकेंगे। मंडी अधिनियम के तहत कृषि उत्पादों के क्रय-विक्रय के लिए एकल लाइसेंस व ऑनलाइन मार्केटिंग की व्यवस्था की गई है। एकल लाइसेंस के तहत प्रदेश की किसी भी मंडी में उत्पाद खरीदने के लिए अलग-अलग लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा।
व्यापारी को मंडी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लाइसेंस दिया जाएगा। उसके बाद कृषक या व्यापारी अपने उत्पाद को ई-टेंडरिंग वाली मंडी में कहीं भी बेच सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस योजना के तहत 22 मंडियों को जोड़ा गया है। इसके तहत कृषकों व व्यापारियों को ऑनलाइन क्रय विक्रय का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।