शहर में विजयदशमी के लिए अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले बनने लगे हैं। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे दादूपुर गांव में शहर की रामलीला का सबसे ऊंचा 27 फिट का पुतला तैयार किया जा रहा है। रावण के पुतले व उसमें लगाए जाने वाले पटाखे में कुल 20 हजार रुपये का खर्च होगा। बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चों में भी शहर का दशहरा मेला देखने का उत्साह दिखाई देने लगा है।
असत्य पर सत्य की जीता का पर्व दशहरा मनाने के लिए जिले में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। लेकिन महंगाई की मार से ये भी अछूता नहीं रह गया है। हालांकि इसके बाद भी हर तरफ दशहरे पर रावण के पुतले जलाने की तैयारी चल रही है। रावण व मेघनाद का पुतला बनाने का कारोबार करने वाले कारीगर तरह-तरह के पुतले बना रहे हैं। पिछले कई साल से रावण के पुतलों को बनाने का काम करते आ रहे शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित दादूपुर गांव निवासी रामपियारे ने बताया कि इस बार उनकी ओर से तैयार किए जा रहेे पुतले बढ़ती महंगाई पर कटाक्ष करने वाले होंगे।
साथ ही ये पुतले विधानसभा चुनाव में लोगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करते नजर आएंगे। महंगाई की मार का रावण के पुतले के मुख्य चेहरे को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकेगा। वहीं अन्य पुतले लोगों को वोट का महत्व बताते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का संदेश देंगे। उन्होंने बताया इस बार उन्हें पांच फिट से लेकर 27 फिट तक के रावण के पुतले बनाने का ऑर्डर मिला है। शहर के रामलीला मैदान के लिए बनने वाले पुतले व आतिशबाजी में 20 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। रावण व मेघनाद के बनाए जा रहे पुतले समाज को संदेश देने के साथ ही समस्याओं को जाहिर करने वाले होंगे।