परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे रोडवेज डिपो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में डिपो पर बड़े पैमाने पर खामियां मिलीं। इससे नाराज मंत्री ने एआरएम, यातायात निरीक्षक व दो चालकों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश देते हुए आरएम से सात दिन में जवाब मांगा है।
मंत्री की कार्रवाई से परिवहन निगम में हड़कंप मचा है। परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने परिवहन निगम की खामियों को दुरुस्त करने की पहल शनिवार को अपने क्षेत्र से की। परिवहन मंत्री बनने के बाद पहली बार अमेठी पहुंचे गायत्री प्रसाद प्रजापति ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे रोडवेज डिपो का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान खामियों का अंबार मिला। मंत्री डिपो के पूछताछ केंद्र काउंटर पर पहुंचे तो वहां लगा समय सारिणी का बोर्ड टूटा मिला। पूछताछ कक्ष का कंप्यूटर खराब था। डिस्प्ले कक्ष का उपयोग बतौर स्टोर रूम होता मिला। पूरे परिसर में गंदगी मिली। मंत्री ने डिपो पर खड़ी बस पर चढ़कर जायजा लिया तो भीतर काफी गंदगी मिली।
दो बसों का हॉर्न ही नहीं बज रहा था। बसों की सीटें फटी और टूटी मिलीं। इस पर मंत्री ने संबंधित चालक से पूछा कि उसने इसकी मरम्मत के लिए अधिकारियों के क्यों नहीं कहा। मंत्री के सवाल पर चालक चुप्पी साध गया। यातायात निरीक्षक डिपो से विभिन्न स्थलों को जाने वाली बसों के बारे में ब्यौरा नहीं दे सके।
इससे नाराज मंत्री ने मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए एआरएम राकेश मोहन पांडेय, यातायात निरीक्षक बीके श्रीवास्तव व चालक कमलेश कुमार और बलराम को तत्काल निलंबित करने का निर्देश देते हुए आरएम रामजीत वर्मा से सात दिवस में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
मंत्री की कार्रवाई से परिवहन निगम में हड़कंप मचा है। निरीक्षण के बाद मंत्री ने मीडिया को कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि ड्यूटी में लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरएम को बसों के समय से संचालन का निर्देश दिया है।