लंभुआ। पिछले 24 घंटे से दुर्गापूजा आयोजन को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति साफ हुई है। खुद भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने प्रकरण में हस्तक्षेप करके पंडाल आयोजकों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। इसके बाद पंडाल आयोजक हर्षोल्लास के साथ महोत्सव मनाने पर राजी हुए हैं।
लंभुआ नगर क्षेत्र की घनी आबादी में 22 दुर्गापूजा पंडाल लगाए जाते हैं। इस बार भी सभी पंडाल आयोजकों ने अपने क्षेत्र में माता रानी की मूर्तियां स्थापित करके महोत्सव को भव्य रूप प्रदान किया है। आयोजकों का आरोप था कि उन पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर तमाम नियम लागू करने के लिए जबरन राजी किया जा रहा था। बुधवार रात पंडाल आयोजकों की एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें तय किया गया था कि बृहस्पतिवार को पंडाल आयोजक कपाट बंद रखेंगे। इस दौरान 15 समितियों के पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर आयोजन से खुद को बाहर कर लिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष अवनीश सिंह अंगद और व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी ने भी उपजिलाधिकारी के कार्यालय में पहुंच कर महोत्सव को संपन्न कराने के लिए पंडाल आयोजकों को बुलवाया। उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने जिलाधिकारी कुमार हर्ष से बात की। पंडाल आयोजकों ने बताया कि जिलाध्यक्ष ने आश्वस्त किया है कि किसी भी व्यापारी पर कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष खुद लंभुआ में पंडाल आयोजकों से मिलकर उनकी समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे।