सुल्तानपुर जिला अस्पताल में जमा मरीजों की भीड़।
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संयुक्त जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को अपग्रेड करने में जुटी कार्यदायी संस्था की मनमानी से जिला अस्पताल में 10 दिनों से पानी की सप्लाई ठप है। मरीज, तीमारदार व स्वास्थ्य कर्मियों समेत करीब 500 लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पानी के लिए लोगों को शहर में लगे हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है।
जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में रोजाना करीब 200 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीजों के साथ करीब इतने ही तीमारदार आते हैं। परिसर में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मियों व उनके परिवारीजनों समेत लगभग 60 लोग निवास करते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर इन दिनों जिला चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग को अपग्रेड किया जा रहा है। विभाग के आदेेश पर काम में जुटी निजी संस्था टपक रही छतों को दुरुस्त करा रही है। भवन में टाइल्स आदि लगाया जा रहा है।
संस्था की ओर से काम में बरती गई लापरवाही के चलते करीब 10 दिन पूर्व छत पर रखी पानी की टंकियों को विद्युत चालित सबमर्सिबल मोटर से जोड़ने वाली पाइपें क्षतिग्रस्त हो गईं। पाइपों के क्षतिग्रस्त होने से सबमर्सिबल का पानी ऊपर रखी टंकियों तक नहीं पहुंच रहा है।
इसके चलते बीते 10 दिनों से न सिर्फ अस्पताल में रहने वाले चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों बल्कि अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पीने का पानी लेने के लिए अस्पताल से बाहर लगे सरकारी व निजी हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब डीएम लाइन को ठीक करवाने का आदेश दे चुके हैं।