सुल्तानपुर। ग्राम पंचायत में स्वच्छता मिशन के तहत बनाए गए सामुदायिक शौचालय के बंद मिलने वह गंदा रहने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने पंचायत सचिव व ब्लाॅक समन्वयकों पर शिकंजा कसा है। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ला ने सात पंचायत सचिवों व चार ब्लॉक समन्वयकों को नोटिस जारी कर सभी से जवाब मांगा है।
अमर उजाला की ओर से चलाए जा रहे अभियान का असर रविवार को देखने को मिला। अभियान में अखंडनगर, चांदा, बल्दीराय, जयसिंहपुर व लंभुआ के कई सामुदायिक शौचालय बंद मिले थे। इसमें कई शौचालय में गंदगी मिली थी। इसकी वजह से ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे। 806 केयरटेकरों को मानदेय का भुगतान नहीं मिलने से अधिकांश ने सामुदायिक शौचालय की देखरेख करना बंद कर दिया था।
प्रकरण सामने आने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने केयरटेकरों का बकाया मानदेय भुगतान के लिए संबंधित पंचायत सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। उन्हें सप्ताह भर के भीतर ग्राम पंचायत से मानदेय का भुगतान करते हुए सफाई की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
सामुदायिक शौचालय के बंद व कुछ जगहों पर सीट टूटी मिलने पर सात पंचायत सचिवों चार ब्लॉक स्वच्छता मिशन समन्वयकों को शनिवार को नोटिस जारी किया। विभाग से निर्धारित समय के अनुसार, सुबह-शाम सामुदायिक शौचालय को खुलवाने व साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। कहा कि निरीक्षण में सामुदायिक शौचालयों के बंद मिलने पर संबंधित पंचायत सचिव व ब्लॉक समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला समन्वयक अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी ग्राम पंचायत से सामुदायिक शौचालयों के संचालन की फोटो मंगाई जा रही है।
शौचालय बंद मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के बंद मिलने पर सात पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मागा गया है। निरीक्षण में शौचालयों के बंद मिलने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।