सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मारामारी है। रोजाना औसतन 65 से 70 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हो रहा है। हालत यह है कि यहां सुबह 9 बजे से अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
एक अल्ट्रासाउंड करने में करीब 10 से 15 मिनट का समय लगता है। यहां एक ही मशीन है, जहां तीन दिन की वेटिंग मिल रही है। मरीज की हालत देखकर आगे की तारीख दी जा रही है। इमरजेंसी के मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच उसी दिन हो रही है, अन्य को तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर जाने को मजबूर मरीज
भंडरा निवासी वासुदेव गुप्ता शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पेट दर्द की समस्या लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। वहां पर उन्हें बुधवार की तिथि दी गई। कमोलिया निवासी ममता साहू को बच्चेदानी की जांच करानी थी। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। जब वह सेंटर पर पहुंची तो उन्हें बताया गया कि उनका नंबर पांच दिन बाद आएगा। उन्होंने बाहर निजी सेंटर पर जाकर अल्ट्रासाउंड जांच कराई, इसके लिए उन्हें 750 रुपये का भुगतान करना पड़ा।
दोस्तपुर के बंथरा निवासी राम सुमिरन यादव को पेट दर्द की समस्या थी। पहले डॉक्टर ने उनका एक्सरे कराया। बाद में उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई। अल्ट्रासाउंड के लिए गए तो चार दिन बाद आने के लिए कहा गया। मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित निजी सेंटर पर उनसे जांच के लिए 700 रुपया लिया गया।
..सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार
मेडिकल कॉलेज में शनिवार सुबह से मरीजों की भारी भीड़ रही। रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर पैथालॉजी, ओपीडी और दवा वितरण काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। करीब 4125 मरीजों की ओपीडी हुई। 750 मरीजों के रक्त नमूने लिए पैथाेलॉजी जांच के लिए एकत्र किए गए।
क्षमता से अधिक मरीजों की हो रही जांच अभी एक ही रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरपी सिंह की नियुक्ति है। क्षमता से अधिक मरीजों का अल्ट्रासाउंड रोज हो रहा है। इमरजेंसी मरीजों की जांच हर हाल में की जा रही है। सामान्य मरीजों को ही वेटिंग में रखा जा रहा है, वह भी एक दो दिन के लिए। इस समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. एसके गोयल, सीएमएस स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुल्तानपुर।