अमेठी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे डीएम ने सोमवार को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय विशुनदासपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने बच्चों से प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षिक गुणवत्ता जांची। स्कूल में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता के साथ कई अन्य अव्यवस्था मिलने पर डीएम ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए सुधार लाने की नसीहत दी।
शासन के निर्देश पर कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय स्कूलों की दशा व शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने की कोशिश में जुटे डीएम अरुण कुमार ने सोमवार को दोपहर बाद प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय विशुनदासपुर का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षक की भूमिका में आए डीएम ने न सिर्फ बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का अध्ययन कराया बल्कि उनका शैक्षिक स्तर जांचने के लिए गुणा-भाग कराने के साथ उनसे धातु, राजधानियों के नाम समेत कई प्रश्न पूछते हुए उनकी शैक्षिक गुणवत्ता की हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान स्कूल की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिलने के साथ ही एमडीएम रजिस्टर में माह दिसंबर के राशन का अंकन नहीं मिला। जिम्मेदारों की ओर से स्कूल का नियमित निरीक्षण नहीं करने की जानकारी भी सामने आई।
स्कूल की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होने पर डीएम ने शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कड़ी मेहनत के साथ बच्चों का शिक्षण कार्य करने को कहा। डीएम ने स्कूल की शैक्षिक व्यवस्था के साथ अन्य कमियों में सुधार करने का निर्देश देते हुए भविष्य में कमी मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी शिव बहादुर मौर्या, प्रधानाध्यापक इंदिरा सिंह व सरिता शुक्ला मौजूद रहीं।