अमेठी। पान मसाला खाकर तहसील दिवस में डीएम के समक्ष पहुंचना एक फरियादी को महंगा पड़ गया। उसे देखते ही डीएम भड़क गए और उस पर जुर्माना ठोंक दिया।
यह नजारा देख सभागार में मौजूद अन्य फरियादी सकते में आ गए। पान मसाला और गुटखा जैसी हानिकारक चीजों के तलबगार कर्मचारी भी सशंकित हो गए।
कोर्ट से लेकर शासन तक ने सार्वजनिक स्थलों पर पान मसाले के प्रयोग समेत धूम्रपान को प्रतिबंधित कर रखा है। आए दिन प्रशासन को इस पर सख्ती किए जाने के निर्देश भी मिलते रहते हैं।
इसके बावजूद लोग निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। सरकारी कार्यालयों से लेकर, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अस्पतालों तक में लोग पान मसाला, गुटखा आदि खाकर न केवल टहलते देखे जाते हैं बल्कि जहां-तहां थूकते भी रहते हैं।
मंगलवार को एक युवक को इन दिशा-निर्देशों की अनदेखी महंगी पड़ गई। दरअसल जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा की अध्यक्षता में अमेठी तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित था।
सुनवाई के दौरान गांव भगनपुर निवासी सुरेश कुमार मिश्र अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पेश हुआ। उसने पान मसाला खा रखा था। यह देखते ही जिलाधिकारी भड़क गए।
डीएम ने न केवल उसे फटकार लगाई बल्कि सीएमओ को युवक पर सुसंगत धाराओं के तहत जुर्माना करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने युवक से दो सौ रुपये का जुर्माना वसूला।
इस कार्रवाई के बाद जो अन्य फरियादी पान व गुटखा खाकर पहुंचे थे, वे कतार से खिसक लिए। बाहर से मुंह साफ करने के बाद ही उन्होंने दोबारा कतार में लगने की हिम्मत की। पान मसाला और गुटखा के तलबगार कर्मचारी भी सशंकित दिखे। जिलाधिकारी की कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा की विषय बनी है।