जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पैकेज तीन व चार के लिए अभी फिलहाल 71 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें पैकेज तीन को 36 व पैकेज चार को 35 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। यह धनराशि मिलने पर अगस्त तक पैकेज तीन में 73 व चार में 57 फीसदी कार्य पूरा हो सकेगा। रविवार को एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण में पहुंचे यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के सामने कार्यदायी संस्था व अधिकारियों ने अपनी मांग रखी।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जयसिंहपुर क्षेत्र के निदूरा में बने कैंप कार्यालय में कार्यों की समीक्षा के दौरान डीएम सी. इंदुमती ने भी अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे के लिए 50 करोड़ रुपये की जरूरत बताई। मांग पर अपर मुख्य सचिव ने धनराशि जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कार्यों की बिंदुवार जानकारी ली। एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी की पटाई के लिए अनुमति मिलने के बाद ही खुदाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अब तक दी गई अनुमति की जानकारी भी ली। साथ ही कार्य में तेजी लाने का निर्देश भी दिया। इसे सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि गुणवत्ता में कमी पर कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में डीएम ने अपर मुख्य सचिव के सामने रानी मिस्त्री को कार्य दिए जाने की मांग रखी। इसे अपर मुख्य सचिव ने मंजूूरी दे दी।
डीएम ने बताया कि 15 अगस्त से साइट पर 50 व इसके बाद फिर 100 महिलाओं को कार्य दिया जाएगा। इसके पहले एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने रैम कट व खराब गार्डर पर असंतोष जताया। उन्होंने गार्डर समेत अन्य कार्यों को ठीक कराने का निर्देश दिया। अपर मुख्य सचिव ने एक्सप्रेस-वे का कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने व अधिकारियों को नजर रखने का निर्देश दिया। इसके पहले कार्यस्थल पर पहुंचने पर डीएम सी. इंदुमती व एसपी शिवहरी मीणा ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. सीबीएन त्रिपाठी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।