सुल्तानपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला जज सुनील कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह 10:30 बजे मीटिंग हॉल में दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। लोक अदालत में आपसी विवादों से जूझ रहे कई दंपतियों ने सुलह-समझौते के बाद फिर साथ रहने का फैसला किया। विभिन्न प्रकृति के मामलों का भी आपसी सहमति से निस्तारण कराया गया।
जिला जज सुनील कुमार ने विभिन्न न्यायालयों और सुलह केंद्रों में चल रही सुनवाई का निरीक्षण किया। इस दौरान एडीजे राकेश पांडेय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी समेत अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों की तहसीलों में भी मामलों का निस्तारण कराया गया।
डेढ़ साल से चल रही अनबन, अब साथ रहेंगे
अमेठी के पीपरपुर निवासी संदीप और अनीता का विवाह वर्ष 2015 में हुआ था। करीब डेढ़ साल से दोनों के बीच अनबन चल रही थी। काउंसलर योगेश सिंह और वीरेंद्र दूबे ने दोनों को समझाया। इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म कर साथ रहने का निर्णय लिया।
बच्चे के साथ घर लौटे दंपती
सदर तहसील क्षेत्र निवासी अरमान और शाहीन की शादी को पांच साल हो चुके हैं। दोनों का एक बच्चा भी है। आपसी विवाद के बाद मामला परिवार न्यायालय पहुंच गया था। लोक अदालत में अधिवक्ताओं और काउंसलर की पहल पर दोनों पक्षों में सुलह हो गई। इसके बाद दंपती बच्चे के साथ घर लौटने को राजी हो गए।
बैंक का पटल नहीं लगा, लौटा फरियादी
सदर तहसील के मीरदासपुर निवासी चंद्रभान वर्मा के मुताबिक उन्होंने आईडीबीआई बैंक से ऋण लिया था। मामले के निस्तारण के लिए वह लोक अदालत पहुंचे, लेकिन संबंधित बैंक का पटल नहीं लगा था और कोई अधिकारी भी नहीं पहुंचा। इससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
महिला ने रोकर बताई समस्या
अमेठी के मुसाफिरखाना क्षेत्र निवासी लालमनी बैंक से जुड़े मामले के निस्तारण के लिए लोक अदालत पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला जज को रोककर अपनी समस्या बताई और रो पड़ीं। जिला जज ने उनकी समस्या सुनी, संबंधित पटल की जानकारी कराई और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।