करौंदीकला। फर्जी दस्तावेज के सहारे आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में पंजीयन कराने के आरोप में एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोपी पंकज कुमार ने बीएएमएस की मार्कशीट और अन्य प्रमाणपत्रों के आधार पर पंजीयन कराया था। यह पंजीयन उसने आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में कराया था।
शिकायत के बाद भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली ने जांच समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में पंकज कुमार की बीएएमएस मार्कशीट, इंटर्नशिप प्रमाणपत्र और एनओसी फर्जी पाई गईं। दस्तावेज में फर्जीवाड़ा सामने आने पर बोर्ड ने कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुर्वेदिक बोर्ड, लखनऊ के रजिस्ट्रार के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अब्दुल बारी ने करौंदीकला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।