सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र निर्धारण में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने अनुचित लाभ नहीं मिलने पर योग्यता रखने वाले विद्यालयों का नाम सूची से काट दिया। साथ ही मानक पूरा नहीं करने वालों को केंद्र बना दिया।
मानकविहीन केंद्र बनाने के लिए डीआईओएस ने अधिकारियों को झांसे में रखकर उनके हस्ताक्षर सूची पर करा लिए हैं। गड़बड़ी पर डीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है।
जिले में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से बड़ी गड़बड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है। गंभीर शिकायतें मिलने के बाद डीएम सी. इंदुमती की ओर से सीआरओ शमशाद अहमद के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम गठित करके कराई गई जांच में मामला प्रकाश में आया।
जांच में शोभावती देवी बालिका इंटर कॉलेज से अनुचित लाभ नहीं मिलने पर बोर्ड का परीक्षा सेंटर नहीं बनाए जाने में बल पाया गया है। साथ ही कई विद्यालयों के सेंटर मानक को दरकिनार करके काफी दूरी पर बना दिए गए। पं. रतीराम शुक्ल व शि.कु. बालिका इंटर कालेज बिझूरी में दृष्टिहीन छात्रों की 32 की संख्या को नजरअंदाज करके डीआईओएस ने स्वकेंद्र के बजाय उसका सेंटर दूर बना दिया।
सेंटर के संबंध में पांच विद्यालयों की ओर से की गई सशपथ शिकायत की जांच में पांचों विद्यालयों के अधिकांश आरोप जांच में सही पाए गए हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि यूपी बोर्ड का सेंटर बनाने में डीआईओएस ने उपजिलाधिकारियों की रिपोर्टों को भी नजरअंदाज कर दिया।
डीआईओएस नरेंद्रदेव पांडेय ने माध्यमिक शिक्षा परिषद से जारी 109 केंद्रों की सूची में 11 विद्यालयों को कम करते हुए एक सहायता प्राप्त व सात वित्तविहीन विद्यालयों को अलग से शामिल कर दिया। डीआईओएस ने 106 सेेंटर बनाते हुए संस्तुति के लिए डीएम की ओर से गठित की गई समिति के साथ डीएम का हस्ताक्षर भी झांसा देकर करवा लिया।
शासन को उसकी सूची भेजते हुए वेबसाइट पर अपलोड करवा दी। टीम की जांच में सेंटर बनाने में भारी गड़बड़ी के साथ डीआईओएस की सत्यनिष्ठा भी संदिग्ध पाई गई है। रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए डीएम सी. इंदुमती ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को डीआईओएस नरेंद्रदेव पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के लिए पत्र भेजा है। डीएम ने डीआईओएस के खिलाफ विधिक व विभागीय कार्रवाई दोनों की संस्तुति की है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद करता केंद्रों का निर्धारण
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रदेव पांडेय ने बताया कि परीक्षा निर्धारण का कार्य माध्यमिक शिक्षा परिषद का है। यहां से सिर्फ परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव भेजा जाता है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति ने विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट परिषद को भेज दी है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक ने तथ्यों को छुपाकर अधिकारियों से यूपी बोर्ड के परीक्षा सेंटर की सूची पर हस्ताक्षर करवाए। अनुचित लाभ नहीं मिलने पर सेंटर काट दिया। सेंटर निर्धारण में अन्य बड़ी गड़बड़ी की। जांच टीम की रिपोर्ट मिलने पर शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
- सी. इंदुमती, जिलाधिकारी।