मोतिगरपुर। लखनऊ-बलिया राजकीय राजमार्ग पर शाहपुर लपटा के पास बुधवार को हुए सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत ने एक बार फिर मोतिगरपुर से बांसगांव तक बदहाल हाईवे की हकीकत उजागर कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा केवल दो वाहनों की टक्कर नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षा के शिकार इस हाईवे की बदहाली का नतीजा है।
करीब 13 किमी लंबे मार्ग पर वाहन चालक जगह-जगह बने गड्ढों से बचने के प्रयास में अचानक दिशा बदलते हैं। जिससे आमने-सामने की टक्कर हो जाती है। बुधवार को शाहपुर लपटा के पास हुए हादसे में जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के करौंदी गांव निवासी अमर बहादुर प्रजापति (30) और उनकी मां ममता देवी (55) की जान चली गई। ग्रामीणों के अनुसार पिछले महीनों में इसी मार्ग पर कई लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद हाईवे की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। मोतिगरपुर से बांसगांव तक इस राजमार्ग को सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर चौड़ा करने की स्वीकृति महीनों पहले मिल चुकी है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता श्रवण कुमार ने बताया कि वन विभाग और ऊर्जा निगम का बजट सम्मिलित करके शासन को भेजा गया है। भूमि अधिग्रहण की फाइल एसडीएम जयसिंहपुर के पास पहुंच गई है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
पिकअप चालक के खिलाफ एफआईआर
मोतिगरपुर। लखनऊ-बलिया हाईवे पर शाहपुर लपटा गांव के पास हुए सड़क हादसे में मां-बेटे की मौत के मामले में पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बृहस्पतिवार को मृतका ममता देवी के छोटे बेटे विजय बहादुर प्रजापति की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।