माहौल बना पर ठग न आ सका
हजारों करोड़ रुपये की ठगी कर एक शातिर दुबई में है। रोजाना सोशल मीडिया के जरिये ऑनलाइन मीटिंग कर रहा है। दुबई में एक मामले में वह जेल भी गया। करीब दो महीने पहले इसकी जानकारी हुई तो जांच एजेंसी की सबसे बड़ी अधिकारी ने खूब माहौल बनाया। मुखिया से भी वादा किया कि शातिर को वह भारत लाकर ही रहेंगी। इससे उनका माहौल तो बना लेकिन महाठग वापस नहीं आ सका और वह सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो गईं।
नेताजी का गिफ्ट
पीडीए वाले नेताजी किसी आगंतुक का जन्मदिन होता है तो उसे गिफ्ट दिया करते हैं। पहले इन अवसरों पर दिए जाने वाला लिफाफा थोड़ा भारी होता था, लेकिन बाद में नेताजी ने अपनी इस परंपरा में थोड़ा बदलाव किया। नेताजी खुद ही बताते हैं कि कई लोग तो भारी लिफाफे की वजह से वर्ष में दो बार जन्मदिन मनाने लगे थे। इसलिए अब जो कुछ देते हैं, उसे लिफाफे में नहीं, बल्कि खुला देते हैं। वजन भी कम कर दिया है।
एक सम्मान हमें भी दे दें
श्रमिक दिवस पर एक तरफ प्रदेश भर में श्रमिकों के सम्मान की होड़ मची थी तो दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च नौकरी कर रहे दो अफसरों का अपना ही दर्द था। शासन के गलियारे में कमरे में बैठे दोनों साहबों ने कहा, 18 घंटे की नौकरी कर रहे हैं। फैमिलीमैन जैसी फीलिंग ही नहीं आती।
कब ऊपर से हौंक दिया जाए...इसकी भी गारंटी नहीं। काम खराब कोई करे लेकिन पेशी के लिए हर वक्त तैयार रहना पड़ता है। इतने में तीसरे साहब आए और बोले...नौकर तो हम भी हैं..बस कोई सम्मान देने वाला नहीं है।