पूर्व सांसद मेनका गांधी। स्रोत-सोशल मीडिया
सुल्तानपुर। संसदीय क्षेत्र की जनता सांसद मेनका गांधी को माताजी कहकर संबोधित करती थी। सांसद का भी दावा था कि वे क्षेत्र की जनता के प्रति वही भाव रखती हैं जो एक मां रखती है। किंतु हार ने शायद उनका दिल तोड़ दिया है। वे सुल्तानपुर से शायद नाराज भी हैं। इसीलिए मतदान के बाद से न तो वे सुल्तानपुर लौटी हैं और न ही वोट देने वाली चार लाख से अधिक की जनता का उन्होंने आभार ही जताया है।
सुल्तानपुर जिले से मेनका गांधी के परिवार का पुराना रिश्ता है। कभी उनके पति संजय गांधी जिले की अमेठी सीट से चुनाव जीतते थे। राजनीति में आने के बाद से वरुण गांधी भी सुल्तानपुर आते-जाते रहे हैं और इस चुनाव में भी उन्होंने कहा कि यहां की माटी से उन्हें पिता की खुशबू मिलती है। किंतु चुनाव हारने के बाद से अभी तक मां-बेटे किसी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एक ओर जहां अमेठी सीट से करारी मात खाने के बाद पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने जनता का आभार जताया तो वहीं मेनका गांधी ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है। उनके एक्स एकाउंट पर भी इस तरह की कोई पोस्ट नहीं डाली गई है।
ऐसे में माना जा रहा है कि वे कुछ खिन्न जरूर हैं। हालांकि उनके प्रतिनिधि रणजीत कुमार कहते हैं कि जनता का निर्णय है, इसमें नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनकी मेनका गांधी से बात भी नहीं हुई है। किंतु नाराजगी कोई नहीं होगी।