सुल्तानपुर। मनरेगा का मानक से 169.61 लाख रुपये अधिक भुगतान के मामले में आखिरकार आरोपी बीडीओ धनपतगंज विमलेश चंद्र त्रिवेदी पर गाज गिरी है। ग्राम्य विकास आयुक्त ने धनपतगंज बीडीओ के वित्तीय अधिकार सीज कर उन्हें जिला मुख्यालय स्थिति डीआरडीए से संबद्ध कर दिया गया है।
उनके स्थान पर कादीपुर के बीडीओ ज्ञानेंद्र मिश्र को धनपतगंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 24 अक्तूबर 2024 के अंक में अमर उजाला ने ''दो बीडीओ ने कर दिया 2.71 करोड़ से अधिक भुगतान'' शीर्षक से प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था।
धनपतगंज और मोतिगरपुर के बीडीओ ने 2.71 करोड़ रुपये अधिक भुगतान मनरेगा से कर दिया था। धनपतगंज के खंड विकास अधिकारी ने अकेले 169.67 लाख और मोतिगरपुर के बीडीओ ने 102.79 लाख रुपये भुगतान मानक से अधिक कर दिया था। मामला सामने आने के बाद विकास विभाग के आला अधिकारी इसे दबाने व दोनों बीडीओ को बचाने में लगे रहे।
बीडीओ पर कार्रवाई नहीं होने पर धनपतगंज के पिपरी साईंनाथपुर निवासी आशाराम दूबे की शिकायत को ग्राम्य विकास आयुक्त ने गंभीरता से लिया। आयुक्त ने नौ दिसंबर 2024 को पत्र जारी कर सीडीओ को पूरी जांच रिपोर्ट 15 दिन में साक्ष्यों समेत भेजने का निर्देश दिया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट को विकास विभाग के आला अधिकारी लटकाए रहे। इधर, ग्राम्य विकास आयुक्त जीपी प्रियदर्शी ने 29 जनवरी को बीडीओ धनपतगंज विमिलेश चंद्र त्रिवेदी का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया। मोतिगरपुर बीडीओ के प्रकरण को विकास विभाग के आलाधिकारी दबाने में लगे हैं। धनपतगंज के बीडीओ पर हुई कार्रवाई की पुष्टि करने से सीडीओ बचते रहे।
निर्देशों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई
ग्राम्य विकास आयुक्त जीपी प्रियदर्शी ने कहा कि बीडीओ धनपतगंज ने निर्देश का उल्लंघन करके मनमानी भुगतान किया है। ऑनलाइन चेकिंग में इसकी पुष्टि के बाद बीडीओ का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया गया। मोतिगरपुर बीडीओ की ओर से अधिक भुगतान किए जाने की जानकारी नहीं मिली है।