सुल्तानपुर। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया करीब 2596 मीट्रिक टन धान डंप हो गया है। मिलर्स की ओर से उठान नहीं किए जाने से कई क्रय केंद्रों पर सैकड़ों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। मौसम खराब होते देख धान को क्रय केंद्रों पर पन्नी से ढका गया है। बारिश होने पर क्रय केंद्रों पर पन्नी से ढके धान के भीगने की आशंका बनी है।
एक नवंबर से शुरू हुई धान की खरीद के लिए जिले में विभिन्न एजेंसियों के 56 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 53 क्रय केंद्रों पर करीब 2596.84 मीट्रिक टन धान किसानों से खरीदा जाना दर्शाया गया है। एक माह तक किसानों से खरीदा गया धान विभिन्न क्रय केंद्रों पर डंप है। अभी तक मिलर्स की ओर से धान की उठान नहीं की गई है। धान की उठान नहीं होने से कई केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया सैकड़ों क्विंटल धान बाहर खुले आसमान के नीचे रख दिया गया है। बृहस्पतिवार से खराब हुए मौसम को देखते हुए कई क्रय केंद्र प्रभारियों ने बाहर रखे धान को पन्नी से ढकवा दिया है।
लंभुआ क्रय केंद्र पर बाहर रखा सैकड़ों क्विंटल धान बाहर पन्नी से ढककर रखवा दिया गया है। जयसिंहपुर के क्रय केंद्र पर धान बोरों में भरकर अंदर रखवाने के लिए श्रमिकों को लगाया गया है। मौसम खराब होने से शुक्रवार को दिनभर रुक-रूक कर बूंदाबांदी होती रही। ऐसे में क्रय केंद्रों पर बाहर पन्नी से ढककर रखे गए सैकड़ों क्विंटल धान के भीगने की आशंका बनी है। तेज बारिश होने पर क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदे गए सैकड़ों धान में सरकार का लाखों रुपये नुकसान होने की आशंका बनी है।
मिलर्स की हड़ताल की वजह से धान डंप
विपणन विभाग के मुताबिक मिलर्स की हड़ताल की वजह से किसानों से खरीदे गए धान की उठान क्रय केंद्रों से नहीं हो सकी है। इसकी वजह से धान क्रय केंद्रों पर पड़ा है। मिलर्स की ओर से पंजीकरण कराया जा रहा है। जल्द ही क्रय केंद्रों से धान की उठान शुरू हो जाएगी।