सुल्तानपुर। चोरी के मामले में दोषी ठहराए गए अमित जायसवाल की 19 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से सजा पर सुनवाई अटक गई है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आदेश का पालन कराने के लिए डीजीपी को पत्र भेजा है। नगर कोतवाल से गिरफ्तारी और जमानतदारों को नोटिस तामील नहीं करा पाने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
अदालत ने कहा कि आदेश का पालन नहीं होना डीजीपी कार्यालय से चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान में बाधा है। इस मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख तय की गई है। वहीं, नगर कोतवाल को पांच नवंबर को अदालत में स्पष्टीकरण पेश करने का आदेश दिया गया है।
अमेठी जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र के बहोरषा हरकरपुर निवासी कुलदीप पांडेय ने 12 सितंबर 2022 को कोतवाली नगर में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 10 सितंबर को वह अपनी पत्नी शबनम पांडेय को बीएड की परीक्षा दिलाने सुल्तानपुर आए थे। उन्होंने बाइक एक डिग्री कॉलेज के पास पर्यावरण पार्क के गेट पर खड़ी की थी, जहां से वह चोरी हो गई।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में नगर कोतवाली क्षेत्र के सीताकुंड निवासी अमित जायसवाल का नाम सामने आया। उसके पास से चोरी की बाइक बरामद हुई। जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप भी सामने आया। इस मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आठ अक्तूबर को अमित जायसवाल को दोषी करार दिया था। उसके गैरहाजिर रहने से सजा पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर नगर कोतवाल को गिरफ्तारी का आदेश दिया था। साथ ही गोसाईगंज क्षेत्र के हयातनगर निवासी जमानतदार प्रकाश वर्मा और शांति देवी को नोटिस जारी किए थे। इन आदेशों का पालन नहीं होने पर अदालत ने अब सख्ती दिखाई है।