जामों। भगवान अपने भक्तों की रक्षा और उद्धार के लिए अवतरित होते हैं। मानव जीवन में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। जब मनुष्य सच्चे भाव से भक्ति करता है तो उसके मन से दुर्व्यवहार, दुर्गुण, कुसंगति, द्वेष और क्रोध जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियां दूर हो जाती हैं।
ये बातें ग्राम पंचायत चिटहुला के महाराजपुर गांव स्थित कुल देवी माता मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को प्रवाचक ऋतंभरा ने कहीं। प्रवाचक ने कहा कि मनुष्य को अपना जीवन परोपकार और गरीबों की सेवा में लगाना चाहिए। भक्ति ही वह साधन है जो मानव जीवन का कल्याण करती है। जब मनुष्य निष्ठा से पूजा करता है तो उसके भीतर आध्यात्मिक झुकाव बढ़ता है और वह समाज में आदर्श जीवन जीता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान सत्येंद्र बहादुर सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, जय राम, राममनोहर सिंह आदि मौजूद रहे।