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जिले की इकलौती चीनी मिल के लौटेंगे दिन

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सुल्तानपुर में स्थित किसान सहकारी चीनी मिल। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण की मुख्यमंत्री की घोषणा से गन्ना किसान खुश हो गए हैं। सीएम की घोषणा से करीब दो अरब के घाटे में चल रही चीनी मिल के जीर्णोद्धार के आसार बढ़ गए हैं। क्षमता बढ़ने से गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सकेेगी। साथ ही मिल के कर्मचारियों की दिक्कतें भी दूर हो सकेंगी।
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फरवरी 1984 में स्थापित जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल का घाटा बढ़ते-बढ़ते करीब दो अरब के पास पहुंच गया है। जर्जर अवस्था में पहुंची चीनी मिल पर गन्ने की पेराई क्षमता के मुताबिक नहीं हो पा रही है। मिल के आए दिन खराब होने से पेराई के दौरान किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से किसानों का गन्ने की खेती से मोहभंग होता जा रहा है। मिल की खराब स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने जिले का गन्ना विक्रय के लिए दो वर्षों से गैर जनपद स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। इसे लेकर भी किसानों में रोष है।
गैर जनपद जिले का गन्ना स्थानांतरित किए जाने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसान मिल की क्षमता वृद्धि की मांग लंबे समय से करते चले आ रहे हैं लेकिन किसी सरकार ने अभी तक उनकी मांग पूरी नहीं की। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सुल्तानपुर किसान सहकारी चीनी मिल का जीर्णोद्धार कराए जाने की घोषणा व इसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किए जाने से किसानों की आस जग गई है। सीएम की घोषणा से गन्ना किसान खुश हैं। किसानों का कहना है कि मिल की क्षमता बढ़ने से गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा, इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही मिल कर्मचारियों की दिक्कतें भी दूर होंगी।
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साढ़े 12 हजार क्विंटल पेराई क्षमता
किसान सहकारी चीनी मिल की 24 घंटे की पेराई क्षमता मौजूदा समय में करीब साढ़े 12 हजार क्विंटल है। इतनी क्षमता के बाद भी मिल जर्जर होने की वजह से पेराई नहीं कर पा रही है। किसानों का मानना है कि क्षमता वृद्धि व जीर्णोद्धार से मिल की पेराई क्षमता बढ़ने के साथ संचालन भी लगातार हो सकेगा।
इस वर्ष 7,655 हेेक्टेयर भूमि पर बोया गया गन्ना
गन्ना विभाग के मुताबिक इस वर्ष जिले में 7,655 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की बोआई हुई है। करीब 20,773 किसानों ने गन्ने की खेती की है। विभाग का मानना है कि इस बार गन्ने की खेती में कुछ बढ़ोतरी हुई है। मिल की क्षमता बढ़ने पर गन्ने की खेती और बढ़ने के आसार हैं।
मिल की जर्जर स्थिति से 14 क्रय केंद्रों का गन्ना हैदरगढ़ स्थानांतरित
चीनी मिल की जर्जर स्थिति को देखते हुए गन्ना विभाग ने जिले के 14 केंद्रों का गन्ना विक्रय के लिए हैदरगढ़ जनपद बाराबंकी की चीनी मिल को स्थानांतरित कर दिया गया है। विभाग के मुताबिक पिछले वर्ष भी हैदरगढ़ चीनी मिल को इन केंद्रों का गन्ना आवंटित किया गया था। इसके बाद भी जिले की किसान सहकारी चीनी मिल शेष गन्ने की पेराई नहीं कर सकी थी। लिहाजा अंतिम समय में जिले की चीनी मिल का गन्ना अयोध्या जनपद की मसौधा चीनी मिल को विक्रय के लिए स्थानांतरित करना पड़ा था।
सांसद ने सीएम के सामने रखी थी मांग
चीनी मिल की क्षमता बढ़ाए जाने की मांग शासन से जनप्रतिनिधियों की ओर से भी कई बार की गई है। 23 अक्तूबर को इसौली में मुख्यमंत्री के आयोजित कार्यक्रम में सांसद मेनका गांधी ने सीएम से चीनी मिल की क्षमता वृद्धि कराने की मांग की थी। इसके पहले सांसद मिल के जीर्णोद्धार के लिए करीब 600 करोड़ की कार्ययोजना शासन को भेज चुकी हैं। मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि सांसद की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दे दी है।
मुख्यमंत्री की ओर से जिले की चीनी मिल के विस्तारीकरण की घोषणा की गई है। धनराशि मिलते ही मिल के विस्तारीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। विस्तारीकरण से किसानों को गन्ना पेराई में राहत मिल सकेगी। -रवीश गुप्ता, जिलाधिकारी/चेयरमैन किसान सहकारी चीनी मिल।
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