लंभुआ। स्थानीय कोतवाली के जफरापुर निवासी व दिहाड़ी मजदूर वीरेंद्र कुमार शुक्ल की मौत के मामले में जेल भेजे गए एक संविदा लाइनमैन की बेटी बहमरपुर निवासी शिखा (20) की रविवार को मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि दो दिन से सदमे में आई शिखा ने खाना-पीना छोड़ दिया था। गंभीर हालत में रविवार को उसे स्थानीय सीएचसी व बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।
बृहस्पतिवार की देर शाम जफरापुर निवासी व दिहाड़ी मजदूर वीरेंद्र कुमार शुक्ल की मौत के मामले में पुलिस ने दो संविदा लाइनमैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मृतक के चचेरे भाई रवींद्र कुमार शुक्ल की तहरीर पर संविदा लाइनमैन बहमरपुर निवासी विनोद पांडेय और लोटिया निवासी अखिलेश चंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने नामजद दोनों संविदा लाइनमैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
संविदा लाइनमैन विनोद पांडेय के भाई बृजेश कुमार पांडेय का आरोप है कि फर्जी केस दर्ज किया गया। पिता के जेल जाने के बाद से ही शिखा पांडेय की तबीयत खराब हो गई थी। उसे रविवार देर शाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे।
परिजन बेटी की मौत से दुखी हैं। पुलिस उपाधीक्षक लंभुआ ऋतिक कपूर ने बताया कि शिखा लंबे समय से बीमार थी। उसका इलाज चल रहा था। मौत के कारण की पुष्टि चिकित्सक ही कर सकेंगे।