सुल्तानपुर। जिले में हुई बारिश से धान की कटी फसल को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। बारिश से ठंड में भी इजाफा हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है।
सोमवार सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी और मंगलवार को हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट आई है। अचानक हुई बारिश ने धान की कटाई कर रहे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भदैंया, करौंदीकलां, दूबेपुर, बल्दीराय, लंभुआ आदि इलाकों में मंगलवार की सुबह पांच बजे से एक घंटे तक तेज बारिश हुई। भदैंया के अभियाखुर्द गांव के किसान अरविंद पांडेय, इंद्र कुमार और प्रताप पांडेय आदि ने बताया कि धान की कटाई के बाद वे फसल को खेत में सूखा रहे थे। बेमौसम बारिश से फसल भीग गई है।
किशन वर्मा, स्वामीनाथ, पवन कुमार, कन्हैयालाल ने कहा कि आलू, सरसों, चना और मटर की बोआई कर चुके हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल भी तैयार है। मौसम साफ नहीं होने से फसल सहेजने की चिंता बढ़ गई है।
खेत में जमा पानी की करें निकासी
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि खेत में काटकर रखी धान की फसल में पानी भरने से नुकसान होगा। किसान पानी के निकासी की व्यवस्था करें। आलू, मटर, चना और सरसों की बोई गई फसल को बारिश से नुकसान नहीं है।
बूंदाबांदी के बढ़े आसार
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया, जो सामान्य से 3.0 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 3.8 डिग्री की बढ़त दर्ज की गई। आगामी 24 घंटे में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने, हवा सामान्य से तेज गति से पूर्वी-पश्चिमी चलने और तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है।