सुल्तानपुर। धान की फसल पककर तैयार है। कहीं कटाई हो चुकी है तो कहीं फसल खेतों में खड़ी है। ऐसे में अर्नब चक्रवात और भारी बारिश की चेतावनी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे और धुंध भी नजर आई। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए किसान फसल समेटने में जुट गए हैं। वहीं, संभावित नुकसान से निपटने के लिए प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है।
जिले में करीब एक लाख एक हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हुई है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 20 फीसदी फसल की कटाई हो चुकी है, जबकि लगभग 80 हजार हेक्टेयर में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। कटी फसल का कुछ हिस्सा भी खेतों में पड़ा है। ऐसे में तेज हवा और बारिश से खड़ी फसल गिरने तथा कटी फसल के भीगने का खतरा है।
पिछले माह हुई बारिश और आंधी से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। रबी की बोआई भी शुरू हो गई है। किसान आलू, चना, मटर, मसूर और सरसों की बोआई कर रहे हैं। खेतों में पानी भरने से बोई गई फसलों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ बोआई में देरी की आशंका भी है।
धनपतगंज के पीपरगांव निवासी किसान अंशुमान सिंह व दिनेश, पीरो सरैया के इंद्र प्रताप सिंह और चकिया के पप्पू तिवारी ने बताया कि तेज हवा और बारिश से धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंच सकता है। राजकीय कृषि बीज गोदाम धनपतगंज के कृषि विशेषज्ञ उदय प्रताप सिंह ने किसानों को मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने, सावधानी से कटाई करने और खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी है।
प्रशासन अलर्ट, अस्पतालों से बिजली विभाग तक निर्देश
मौसम विभाग की ओर से 28 से 31 अक्तूबर तक तूफान, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। आपदा की स्थिति में जनहानि, पशुहानि, मकान और फसलों के नुकसान का तत्काल आकलन कर राहत-बचाव कार्य शुरू करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में चिकित्सकीय इंतजाम दुरुस्त रखने तथा पंचायती राज, बिजली, वन, कृषि, नगर निकाय, पुलिस और डायल-112 को आपात सेवाओं के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों के संचालन पर निर्णय लेने को कहा गया है।
धनपतगंज खरकहिया गांव में कटी धान की फसल को समेटते किसान व आसमान में छाए हल्के बादल और फसल सहेज