सुल्तानपुर। धम्मौर थाना क्षेत्र के भांटी गांव में पिछले दिनों बगैर परमिट के 30 हरे पेड़ काटकर बेचने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बड़े पैमाने पर पेड़ कटान की स्थानीय वनकर्मियों को भनक तक नहीं लग सकी। प्रकरण उजागर होने के बाद विभागीय स्तर पर हरे पेड़ों की कटान कराने व बेचने वाले दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए संबंधित क्षेत्र के वन दरोगा व वन रक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पिछले नौ दिसंबर को धम्मौर थाना क्षेत्र की भांटी ग्रामसभा में नौ पेड़ महुआ, आठ पेड़ कलमी आम तथा 13 पेड़ देसी आम के काट डाले गए थे। इन 30 हरे पेड़ों की कटान के लिए संबंधित व्यक्तियों ने वन विभाग से परमिट नहीं लिया था। बड़े पैमाने पर हरे पेड़ों की कटान होने पर भी स्थानीय वनकर्मी सक्रिय नहीं हुए।
जब वन विभाग के उच्चाधिकारियों को ये मामला पता चला तो अवैध कटान के प्रकरण में विभागीय स्तर पर केस दर्ज किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्रीय वनाधिकारी ने हरे पेड़ काटने वाले ठेकेदार व बेचने वाले पेड़ मालिक के विरुद्ध केेेस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
वृहद स्तर पर हुए हरे पेड़ों की अवैध कटान के मामले में सुस्त रवैया अपनाने वाले संबंधित क्षेत्र के वन दरोगा धीरेंद्र कुमार यादव तथा वनरक्षक दूधनाथ यादव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि विभागीय स्तर पर केस दर्ज करके उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। इस संबंध में स्थानीय वन दरोगा व वन रक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दो वनकर्मियों को दो दिन का समय दिया गया है।
वन मंडल क्षेत्र अयोध्या के वन संरक्षक एके शुक्ल ने बताया कि बगैर परमिट के पेड़ कटान करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अवैध कटान के मामले की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के वनकर्मी पर होती है। यदि मामले में विभागीय कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की पूरी जानकारी डीएफओ सुल्तानपुर से ली जाएगी।