सुल्तानपुर। जिले में निर्माणाधीन व निर्मित 11 विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण में अनियमितता का मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। करीब 40 करोड़ रुपये से निर्मित उपकेंद्रों का मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने के बाद मध्यांचल वितरण निगम हरकत में आ गया है।
प्रबंध निदेशक ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय इंजीनियरों की जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम गठित होने से कंपनियों एवं अधिकारियों में खलबली मची है।
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से जिले के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में आईपीडीएस व पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से निर्माणाधीन व निर्मित उपकेंद्रों के निर्माण मेें अनियमितता का मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। करीब 40 करोड़ रुपये की अधिक लागत से बनाए गए व बनाए जा रहे 11 विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत को नजरअंदाज करना अधिकारियों को भारी पड़ रहा है।
शिकायत में निर्माण का दायित्व पाईं कंपनियों पर सिविल कार्य समेत संयंत्रों की स्थापना में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। राष्ट्रपति भवन के आदेश पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक संजय गोयल ने अनियमितता के प्रकरण को गंभीरता से लिया है।
प्रबंधक निदेशक ने दो कंपनियों की ओर से बनाए गए 11 विद्युत उपकेंद्रों की जांच के लिए मध्यांचल के अधीक्षण अभियंता तकनीकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय इंजीनियरों की कमेटी गठित कर दी है। उपकेंद्रों की जांच के लिए टीम गठित होने से निर्माण में लगी कंपनियों व उसे हैंडओवर लेने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची है।
जनवरी में टीम करेगी जांच
जांच टीम में शामिल अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि जनवरी माह में टीम उपकेंद्रों का स्थलीय सत्यापन करके जांच करेगी। जांच रिपोर्ट संबंधित को उपलब्ध कराई जाएगी।
टीम की रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई
मध्यांचल वितरण निगम के प्रबंध निदेशक संजय गोयल ने कहा कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गई है। टीम की रिपोर्ट मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।