बेगमपुरा डाउन एक्सप्रेस के स्लीपर कोच की फर्श पर बैठे यात्री।
सुल्तानपुर। होली त्योहार पर प्रमुख ट्रेनोें और बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। स्लीपर कोच ही हालत जनरल कोच से बदतर हो गई है। घर लौैटने वाले लोग स्लीपर कोच में फर्श पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर हैं। बसों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ी है।
शुक्रवार को होली पर्व घरवालों के साथ मनाने के लिए महानगरों में काम करने वाले लोगों ने घर वापसी शुरू कर दी है। बुधवार को बेगमपुरा, कोटा-पटना, तुलसी, मरुधर, सद्भावना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में बड़ी संख्या में यात्रियों ने सीटें फुल होने के बाद फर्श पर बैठकर यात्रा की। बिहार के रहने वाले राम कुमार ने बताया कि उन्होंने वेटिंग का टिकट कराया था। कन्फर्म नहीं हुआ तो स्लीपर कोच में फर्श पर यात्रा करनी पड़ी।
बस स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि दिल्ली, आगरा समेत अन्य महानगरों से आने वाली बसों में यात्रियों की भीड़ रही। गैर प्रांत से आने वाले लोग लखनऊ से सुुल्तानपुर, आजमगढ़, बलिया समेत अन्य स्थानों को जाने वाली बसों से यात्रा करते मिले।
प्रमुख ट्रेनोें की देरी से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
सुल्तानपुर। जोधपुर से वाराणसी जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस बुधवार को करीब डेढ़ घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। जम्मूतवी से वाराणसी तक जाने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। देहरादून से हावड़ा तक जाने वाली कुंभ एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। हरिहर एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। आनंदविहार से मऊ को जाने वाली आनंदविहार-मऊ डाउन एक्सप्रेस करीब दो घंटे विलंब से पहुंची। हावड़ा से जम्मूतवी जाने वाली हिमगिरि एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से पहुंची। प्रमुख ट्रेनोें के लेट होने से दिन भर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।