कभी जरायम के दम पर लोगों में दहशत फैलाने वाले इनामी बदमाश के ऊपर अब ग्राम पंचायत के विकास का जिम्मा होगा। पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान के पद पर उसके सामने और किसी का नामांकन नहीं दाखिल होने से उसके निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन गई है। मामला दोस्तपुर विकास खंड के गोरई ग्राम पंचायत का है।
पंचायत चुनाव में 15 हजार के इनामी अपराधी राम सागर यादव के विरोध में ग्राम प्रधान के लिए और नामांकन पत्र नहपं दाखिल होने से उसके निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना बन गई है। नामांकन पत्रों की जांच में आवेदन वैध मिलने पर इनामी अपराधी ग्राम पंचायत का प्रधान बन जाएगा। बताया जाता है कि प्रधान के चुनाव में गांव से उसका नाम सामने आने के बाद कोई नामांकन दाखिल करने का साहस नहीं जुटा सका।
सोमवार को गांव से एक व्यक्ति नामांकन करने ब्लॉक पहुंचा था लेकिन जानकारी मिलने पर वह भी वापस लौट गया। उसके बाद राम सागर दोस्तपुर पहुंचा और अपना नामांकन पत्र भरा। मजे की बात यह है कि जिले के कई थानों की पुलिस को उसकी तलाश है। इसके बावजूद नामांकन केंद्र पर तैनात पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। या फिर यह कह लें कि वह पुलिस को चकमा देकर नामांकन कर वापस जाने में कामयाब रहा।