पॉलिसी रिवाइवल कराने के नाम पर करते थे ठगी
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जिले के क्राइम ब्रांच ने प्राइवेट सेक्टर की बीमा कंपनियों की बंद पड़ी पॉलिसियों का रिवाइवल (पुनर्चालन) कराने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके पास से विभिन्न बैंकों के 14 एटीएम कार्ड, 12 चेक बुक, दो पासबुक, पांच अदद सील मुहर, नौ सिमकार्ड, तीन मोबाइल फोन व तीन हजार रुपये बरामद किए हैं। गिरोह ने पीपरपुर थाना क्षेत्र के एक व्यापारी को झांसा देकर अपने खातों में 20.50 लाख रुपये ठग लिए थे।
जिले के दुर्गापुर बाजार निवासी भोला चंद्र बरनवाल के पुत्र राहुल ने बीते 18 फरवरी को पीपरपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपने पिता से अलग-अलग तिथियों में कुल मिलाकर 20.50 लाख रुपये ठगने का केस दर्ज कराया था। राहुल ने पुलिस को बताया था कि ठगी करने वालों ने यह धन बीते एक वर्ष में थोड़ा-थोड़ा कर 36 बैंक अकाउंट में जमा करवा लिया। विश्वास के लिए बाद में उनके पिता के नाम 49.50 लाख का केनरा बैंक का एक चेक भेजा गया, जो भुगतान के लिए लगाने पर फर्जी निकला। केस दर्ज करने के बाद एसपी ने मामले के खुलासे की जिम्मेदारी एएसपी टीएन त्रिपाठी व क्राइम ब्रांच के स्वाट विंग प्रभारी सुनील कुमार यादव को दी थी।
एएसपी के पर्यवेक्षण में टीम ने केस पर काम शुरू किया तो पाया कि गिरोह के सदस्य नोएडा में बैठकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। बृहस्पतिवार को टीम के तीन सदस्य भोला चंद्र से और पैसा लेने के लिए लखनऊ आ गए। पीड़ित की सूचना पर सक्रिय टीम ने लखनऊ से गिरोह के तीन सदस्यों को धर दबोचा। पकड़े गए ठगों की पहचान फरीदाबाद निवासी रवि मिश्र व दिल्ली निवासी आकाश सिंह व सुमित कुमार मिश्र के रूप में हुई। पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस ने विभिन्न बैंकों के 14 एटीएम कार्ड, 12 चेक बुक, दो पासबुक, पांच अदद सील मुहर, नौ सिमकार्ड, तीन मोबाइल फोन व तीन हजार रुपये बरामद किया है।
शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब एएसपी ने बताया कि एसपी के आदेश परटीम को पांच हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।