चुनावी रंजिश में शुक्रवार को मदारडीह गांव में ट्यूशन पढ़कर लौट रहे दो किशोरों को प्रत्याशी के समर्थकों ने पीटना शुरू कर दिया। शोर-शराबा सुनकर पहुंचे परिवारीजनों ने बीच-बचाव की कोशिश की तो दबंगों ने उन्हें भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। हमले में पिता-पुत्र समेत छह लोग घायल हो गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर नौ आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के मदारडीह गांव निवासी फूलचंद पुत्र रमई ने ग्राम प्रधान के चुनाव में प्रत्याशी सीता पत्नी रामजस की मदद की थी जबकि विपक्षी सीता पत्नी रामशब्द भी मैदान में थीं। चुनाव में पत्नी का समर्थन न किए जाने से रामशब्द और उनके समर्थक फूलचंद से रंजिश रख रहे थे। शुक्रवार की सुबह फूलचंद का बेटा सूरज गांव के ही संजय के साथ ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। तभी गांव के बाहर बाग में रामशब्द के समर्थकों ने सूरज की पिटाई शुरू कर दी। सूरज को बचाने दौड़े संजय को भी हमलावरों ने पीट दिया।
दोनों बच्चों की चीख-पुकार पर फूलचंद, त्रिभुवन व दो अन्य लोग भी वहां पहुंचकर बच्चों को बचाने लगे। इस दौरान हमलावरों ने फूलचंद समेत सभी छह लोगों को जमकर पीटा। हमले में फूलचंद और सूरज को गंभीर चोटें आईं। घटना से नाराज ग्रामीण प्रधान प्रत्याशी सीता पत्नी रामजस के बेटे राजेंद्र की अगुवाई में कोतवाली पहुंच गए। ग्रामीणों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन की सूचना के बाद सीओ लंभुआ मकेश कुमार मिश्र, नायब तहसीलदार विकासधर दुबे पुलिस टीम के साथ कोतवाली चांदा पहुंच गए। सीओ ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। करीब तीन घंटे बाद सीओ के आदेश पर पुलिस ने फूलचंद की तहरीर पर रणजीत, अजय, बलराम, विपिन, सुनील, रोहित, विवेक, रिंकू और मनोज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।