कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भोजन करने के बाद छह छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गई। छात्राओं की हालत देख वार्डन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में छात्राओं को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। बृहस्पतिवार की सुबह बीएसए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती छात्राओं को देखने पहुंचे और केजीबीवी का निरीक्षण किया।
धनपतगंज कस्बे में स्थित केजीबीवी में बुधवार की दोपहर भोजन खाने के बाद कक्षा आठ की अंजू (14), पुष्पा (13), खुशबू (14), अंतिमा (14) व कक्षा छह की सानिया (11) व सुहानी (12) को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। आनन-फानन में वार्डन गीता वर्मा ने इसकी सूचना अधिकारियों को देते हुए छात्राओं को सीएचसी में भर्ती कराया। सीएचसी प्रभारी अभिषेक साहू ने छात्राओं का उपचार शुरू किया।
देर शाम छात्राओं की हालत में सुधार हुआ। जांच में पाया गया कि दूषित पानी पीने से छात्राओं की हालत बिगड़ी। बृहस्पतिवार की सुबह बीएसए दीवान सिंह सीएचसी धनपतगंज पहुंचे और बीमार छात्राओं का हाल-चाल लिया। सीएचसी के बाद बीएसए विद्यालय पहुंचे और परिसर में लगे हैंडपंप का मुआयना किया। विद्यालय की वार्डन ने बीएसए को बताया कि परिसर में लगे हैंडपंप से निकलने वाले पानी की निकासी बाहर नहीं होती।
इसकी वजह से पानी परिसर में भर जाता है। विद्यालय के चारों तरफ किसानों के खेत हैं। जो पानी की निकासी अपने खेत में नहीं होने देते। बीएसए ने वार्डन को आश्वास्त किया कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण किया जाएगा।