संस्कृत बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए जिले के दोनों केंद्रों पर नकल माफिया हावी हैं। केंद्र व्यवस्थापकों की मिलीभगत से दोनों केंद्रों पर धड़ल्ले से नकल चल रही है। शुक्रवार को एएओ के निरीक्षण में एक छात्र के पास नकल सामग्री मिलने के बाद इसकी पोल खुल गई। एएओ ने न सिर्फ छात्र को रिस्टीकेट कर दिया बल्कि दोनों केंद्र व्यवस्थापकों से जवाब तलब भी किया है। नकल रोकने के लिए दोनों केंद्रों पर पर्यवेक्षक भी नामित कर दिए गए हैं।
टीकरमाफी स्थित श्रीमत परमहंस संस्कृत माध्यमिक विद्यालय व हसरमपुर जामों स्थित श्री नागेश्वर गायत्री संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में बीते 15 अप्रैल से संस्कृत बोर्ड परीक्षा चल रही है। संस्कृत बोर्ड परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र ने दोनों केंद्रों औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों परीक्षा केंद्रों के बाहर गाइड व पर्ची बिखरी मिली। केेंद्र के अंदर परीक्षार्थी एक-दूसरे की कॉपी से नकल करते मिले।
एएओ ने नागेश्वर गायत्री संस्कृत विद्यालय में एक छात्र को नकल सामग्री के साथ रंगे हाथ पकड़ा। छात्र को रिस्टीकेट करने के बाद एएओ ने केंद्रों पर हो रही नकल पर दोनों केंद्रों व्यवस्थापकों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनसे जवाब तलब किया है। एएओ ने दोनों केंद्र व्यवस्थापकों को सात दिन में जवाब देने के साथ ही बोर्ड के निर्देशों के अनुसार केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। दोनों केेंद्रों पर परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए पर्यवेक्षक की तैनाती भी की गई है। एएओ ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।