2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में आचार संहिता उल्लंघन व बिना इजाजत सड़क पर सभा करने के मामले में सुल्तानपुर की अदालत द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व आप नेता कुमार विश्वास के खिलाफ जारी समन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यक्तिगत हाजिरी पर रोक के बाद बृहस्पतिवार को ट्रायल कोर्ट में भी सुनवाई टल गई। सुल्तानपुर कोर्ट में एसीजेएम षष्टम अनिल कुमार सेठ ने अरविंद केजरीवाल व कुमार विश्वास के अधिवक्ता की ओर से दी गई मौका अर्जी मंजूर कर अगली सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तिथि नियत कर दी है। मामला अमेठी जिले के गौरीगंज थाने से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने साथ ही यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट से राहत न मिलने पर केजरीवाल और विश्वास ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन दोनों को बृहस्पतिवार को सुल्तानपुर की अदालत में पेश होना था।
केजरीवाल और कुमार विश्वास की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि पुलिस अमेठी के गौरीगंज की जिस रैली का जिक्र कर रही है उसकी अनुमति ली गई थी, लिहाजा धारा 144 (निषेघाज्ञा) का उल्लंघन नहीं बनता। न तो केजरीवाल और न तब के प्रत्याशी कुमार विश्वास गाड़ी से उतरे, जिससे कोई व्यवधान पड़ता। इस मामले में पुलिस के अलावा किसी अन्य व्यक्ति ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
गौरतलब है कि 20 अप्रैल 2014 को दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि धारा-144 लागू होने और बिना अनुमति के केजरीवाल व विश्वास द्वारा सभा करने से सड़कों पर जाम लग गया और जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।