मकान व विद्यालय की बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे विद्यालय के प्रबंधक शेष नारायण उपाध्याय समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लॉकअप में डाल दिया और सोने की चेन व अंगूठी भी छीन ली। देर रात लॉकअप से प्रबंधक को बाहर निकालकर दरोगा दीप नारायण यादव समेत तीन पुलिस कर्मियों ने जमकर पिटाई की। इसका खुलासा शुक्रवार की सुबह तब हुआ जब पुलिस पीड़ित प्रबंधक का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए सीएचसी पहुंची।
प्रबंधक ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी है। आरोप को गंभीरता से लेते हुए सीओ ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि प्रबंधक ने निर्माण कार्य कराने के लिए एसपी व सीओ से फोन पर बात कर इजाजत मांगी थी। दरोगा इस बात को लेकर नाराज थे।
पुलिस अभिरक्षा में पिटाई गंभीर प्रकरण: सीओ
कादीपुर। सीओ डीपी शुक्ला ने बताया कि निर्माण कार्य की जानकारी उनके संज्ञान में थी। प्रबंधक ने उन्हें फोन पर निर्माण कराए जाने की बात बताई थी। प्रबंधक को निर्माण रोकने के लिए कहा गया था। पुलिस अभिरक्षा में पिटाई और लूट का आरोप प्रबंधक ने लगाया है। मामले की खुद में जांच कर रहा हूं।
प्रबंधक की दशा मनोरोगी जैसी: दरोगा
कादीपुर। दरोगा दीप नारायण ने बताया कि प्रबंधक समेत अन्य लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली लाया था। प्रबंधक ने विपक्षी की बहू पूनम के पेट पर लात मार दिया था। वह गर्भवती है। लॉकअप से पूछताछ के लिए निकाला जा रहा था। तब प्रबंधक ने मुंशी का गला दबा दिया। उसे काफी समझाया-बुझाया गया था। उसकी दशा मनोरोगी जैसी है। पिटाई व लूट का आरोप बेबुनियाद है।