विकास वर्मा को गायत्री प्रसाद प्रजापति का साथ खूब रास आया। गायत्री के यहां अमरेंद्र सिंह पिंटू के बाद उसकी हैसियत नंबर दो की थी। खनन के ठेके-पट्टे समेत गायत्री की फर्मों का वही हिसाब-किताब देखता था। पांच साल में उसने अकूत संपत्ति बनाई।
मंत्री गायत्री के साथ गैंगरेप और पॉक्सो में आरोपी विकास वर्मा सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाने के रतनपुर गांव का मूल निवासी है। उसका पिता प्रशासनिक अधिकारी है। विकास वर्मा का मकान लखनऊ में भी है। गायत्री के विधायक और मंत्री बनने के बाद वह उनके संपर्क में आया। जल्द ही वह गायत्री के करीबियों में शुमार होने लगा। गायत्री के यहां उसकी हैसियत अमरेंद्र सिंह पिंटू के बाद नंबर दो की हो गई। खनन के ठेके-पट्टे समेत गायत्री की कंपनियों का हिसाब-किताब वही देखता था।
गायत्री से नजदीकी के बाद वह करोड़ों में खेलने लगा। वह लग्जरी गाड़ियों, आभूषणों, ब्रांडेड कपड़ों और जूतों का खास शौकीन है। उसके करीबियों की मानें तो वह हीरे की जो अंगूठी पहनता है, उसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। उसके जूते 50 हजार से लेकर लाख-डेढ़ लाख तक के होते हैं। बताया जाता है कि उसने लखनऊ से लेकर महानगरों तक में मकान, जमीन, होटल और कांप्लेक्स में काफी पैसा लगा रखा है।
परिवार में शादी-विवाह अथवा अन्य किसी आयोजन पर जब वह गांव आता था तो उसके ठाट देख बड़े-बड़े हैरान रह जाते थे। गायत्री के अमेठी में रहते उसका यहां खूब आना-जाना होता था। अंतिम बार वह अमेठी में मतदान के दिन 27 फरवरी को अमरेंद्र सिंह पिंटू के साथ रामगढ़ बूथ पर दिखा था। बूथ के करीब तक गाड़ी ले जाने पर एसपी अनीस अंसारी ने उसे फटकार भी लगाई थी। उसी दिन गैर जनपद का होने के नाते संग्रामपुर पुलिस ने उसे थाने में बैठा लिया था।