दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
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पत्नी की दवा कराकर घर लौट रहेे जिला पंचायत के रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से मारपीट हो गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया। दूसरी तरफ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पिटाई से नाराज कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार की सुबह मुख्य गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जिला पंचायत में महमूद अहमद वाहन चालक के पद पर तैनात थे। वर्ष 2015 में महमूद अहमद रिटायर्ड होने के बाद सपरिवार जिला पंचायत परिसर में बने सरकारी आवास में अपने बेटे फरीद व बहू के साथ रहते हैं। बुधवार की रात फरीद अहमद अपनी पत्नी की दवा कराकर घर लौट रहा था। फरीद अहमद जब जिला पंचायत गेट के पास पहुंचा तो मुख्य गेट पर ताला लगा था। ताला खुलवाने को लेकर फरीद की जिला पंचायत के चपरासी रामकुमार यादव से कहासुनी हो गई। इस बीच फरीद और रामकुमार के बीच मारपीट होने लगी। सूचना के बाद पहुंचे कोतवाल एसके मिश्रा ने स्थिति पर नियंत्रण पाया।
बृहस्पतिवार की सुबह रामकुमार यादव के साथ हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया। देखते ही देखते जिला पंचायत के अन्य कर्मचारी लामबंद हो गए और मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बाबत कोतवाल ने बताया कि फरीद अहमद की तहरीर पर रामकुमार समेत दो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, रामकुमार की तहरीर पर फरीद के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।