लेप्रोस्कोपिक विधि से महिला की पथरी के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने किडनी और लीवर की नस ही काट डाली। हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने महिला को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया। महिला को गंभीर हालत में इलाहाबाद के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। महिला को वहां वेंटीलेटर पर रखा गया है। मामला शहर के एक निजी हॉस्पिटल से जुड़ा है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के सिविल लाइन (पंत स्टेडियम) निवासी आशा रानी (65) पत्नी जॉनसन जोसफ के किडनी में पथरी थी। परिवारीजन आशा रानी को लेकर शहर के एक निजी हॉस्पिटल पहुंचे। आशा रानी की जांच डॉ. सादिक अली ने की। जांच रिपोर्ट के बाद आशा रानी को चिकित्सक ने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। 12 जून को डॉ. सादिक अली ने लेप्रोस्कोपिक विधि से पथरी का ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद चिकित्सक ने आशा रानी को हॉस्पिटल में 20 जून तक भर्ती रखा था। 20 जून की देर शाम आशा रानी की तबीयत बिगड़ने लगी। उनके शरीर में मवाद बनने लगा। परिवारीजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने आशा रानी को ठीक होने की बात कहकर डिस्चार्ज कर दिया। परिवारीजन आशा देवी को लेकर घर पहुंचे तो उनकी हालत बेहद खराब हो गई। आनन-फानन में परिवारीजन आशा देवी को लेकर इलाहाबाद के एक हॉस्पिटल में पहुंचे, जहां आशा रानी की जांच की गई।
जांच में पाया गया कि आशा रानी की किडनी और लीवर की नस कटी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि उसकी वजह से उनकी हालत बिगड़ गई। परिवारीजनों के मुताबिक आशा रानी की हालत बेहद खराब है और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। परिवारीजनों ने चिकित्सक डॉ. सादिक अली पर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है।