स्थानीय थाने के बरनाटीकर गांव में रविवार रात एक मंदबुद्धि किशोर को चोर समझकर ग्रामीणों ने पेड़ से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की। सूचना के पांच घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस किशोर को थाने ले आई और इलाज के बजाया परिवारीजनों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस ने किशोर को पेड़ से बांधने और पिटाई करने वालों से पूछताछ तक की जहमत नहीं उठाई।
बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित स्थानीय थाने के बरनाटीकर गांव के पास रविवार रात ग्रामीणों ने एक किशोर को संदिग्ध परिस्थितयों में दौड़ाकर पकड़ा। किशोर को चोर समझ कर पहले तो ग्रामीणों ने उससे पूछताछ शुरू की। जब किशोर ग्रामीणों को अपने जवाब से संतुष्ट नहीं कर सका तो ग्रामीणों ने उसे रस्सी के सहारे नीम के पेड़ से बांध दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने बार-बार अपने को निर्दोष बता रहे किशोर की न सिर्फ जमकर पिटाई की बल्कि इसकी सूचना फोन पर पुलिस को देते हुए किशोर को अपनी अभिरक्षा में लेने को कहा। सूचना देने के करीब पांच घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस उसे लेकर थाने चली आई।
थाने में किशोर के बताए गए पते ग्राम भावा मजरे निगोहा थाना फुरसतगंज को फोन कर पुलिस ने पिता छोटेलाल को बुलाया। सूचना के बाद किशोर का भाई थाने आया और उसे मंदबुद्धि बताया। किशोर के मंदबुद्धि बताए जाने के बाद पुलिस ने आइंदा उस पर निगाह रखने की हिदायत देते हुए किशोर को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। मामले में सबसे निंदनीय व शर्मनाक बात यह रही कि पुलिस ने भीषण ठंड में नाममात्र के कपड़े पहने हुए किशोर को बांध कर पीटने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने की बात तो दूर पूछताछ तक की जहमत नहीं उठाई।