स्थानीय थाने के एक गांव से तीन वर्ष पूर्व लापता किशोरी शुक्रवार को अपने ही घर से बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस किशोरी को थाने ले आई और उससे इतने दिन गायब रहने के बारे में पूछताछ की। किशोरी ने मेडिकल परीक्षण कराने से इंकार कर दिया है।
स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी जनवरी 2013 में घर से लापता हो गई थी। लापता किशोरी के नहीं मिलने पर उसके पिता ने थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने किशोरी को तलाश करने की कोशिश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। उधर, अपनी पुत्री के नहीं मिलने से नाराज पिता ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट इस बाबत कई मर्तबा थाने में तैनात एसओ/विवेचक को तलब कर चुका था।
शुक्रवार सुबह मौजूदा एसओ अरविंद कुमार त्रिपाठी को मुखबिर ने किशोरी के घर में मौजूद होने की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस किशोरी को थाने ले आई और महिला पुलिस ने उससे तीन वर्ष तक गायब रहने के बारे में पूछताछ की। पूलिस के मुताबिक किशोरी अपनेे गायब रहने के बारे में गोल-मोल जवाब दे रही है, वहीं उसने मेडिकल परीक्षण कराने से भी इंकार कर दिया। एसओ ने बताया कि किशोरी को पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान करवाया जाएगा।