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झांसा देकर अपहर्ताओं के चंगुल से छूटा बच्चा

Wed, 14 Oct 2015 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
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लखनऊ के आलमबाग (शक्तिपुरम) का रहने वाला 12 वर्षीय दिग्विजय सिंह अपनी सूझबूझ से अमेठी में अपहर्ताओं के चंगुल से बच निकला। दिग्विजय का बुधवार सुबह बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उस वक्त अपहरण कर लिया था जब वह दुकान पर सामान लेने जा रहा था। बदमाश उसे ट्रेन से कहीं ले जा रहे थे इसी बीच अमेठी में मौका पाकर वह बच निकला। पुलिस ने बालक को उसके पिता को सौंप दिया।
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लखनऊ के शक्तिपुरम निवासी प्रीतम सिंह ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। उनका 12 वर्षीय भतीजा दिग्विजय सिंह उनके पास ही रहकर पढ़ाई करता है। दिग्विजय के मुताबिक दुकान पर सामान लेने जाते समय नकाबपोश बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे खींच लिया। वह शोर न मचा सके इसलिए उसका मुंह कपड़े से बांध दिया। बाइक से उसे स्टेशन ले जा गया और ट्रेन के टॉयलेट में बंद कर दिया गया।

 हालांकि बाद में बदमाश उसे लाकर एक खाली सीट पर बैठा दिए। अमेठी में ट्रेन रुकी तो बदमाश डिब्बे के दूसरे दरवाजे के पास खड़े हो गए। इस बीच दिग्विजय मौका पाकर डिब्बे के दूसरे दरवाजे से उतरकर बाहर की ओर भाग निकला। वह स्टेशन के बाहर आकर एक चाय की दुकान पर रोने लगा। उसे रोता देख लोग एकत्रित हो गए तभी वहां से गुजरा सिपाही पवन कुमार उसे कोतवाली लाया। एसओ इंद्रराज यादव ने उससे पूछताछ की। किशोर ने पूरी घटना बताई तो एसओ ने प्रीतम सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसके पिता दीपक सिंह पहुंचे और उसे ले आए।
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