हाईवे पर अधेड़ की गोली मारकर हत्या
अमेठी। न्यायालय से लौट रहे चाचा-भतीजा पर जगदीशपुर में हाईवे पर दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि भतीजा बाल-बाल बच गया। हत्या की सूचना मिलते ही गांव वालों के साथ ही परिवारीजन मौके पर पहुंच गए।
तनाव देखते हुए एसपी ने कई थानों की पुलिस व पीएसी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवारीजन शव लेकर हाईवे पर ही डट गए। करीब ढाई घंटे बाद एसपी के समझाने पर लोग शांत हुए और पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मकदूमपुर गांव निवासी पुरुषोत्तम तिवारी (48) पुत्र भगवान तिवारी करीब एक दशक पूर्व टांडा गांव निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह की हत्या के मुकदमे में नामजद हुए थे।
बृहस्पतिवार सुबह पुरुषोत्तम अपने भतीजे राहुल तिवारी पुत्र हनुमान दत्त तिवारी के साथ मुकदमे के सिलसिले में सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय गए थे। शाम को पुरुषोत्तम और राहुल बाइक से घर लौट रहे थे।
चाचा-भतीजा लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वारिसगंज के पास पहुंचे थे कि दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने उन्हें ओवरटेक करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पुरुषोत्तम को लगी और वह बाइक छोड़कर पैदल भागने लगे। तभी बदमाशों ने उन्हें दौड़ाकर एक और गोली मार दी।
फायरिंग के दौरान भतीजा राहुल बाल-बाल बच गया। हत्या के बाद हमलावर भाग गए। राहुल ने इसकी सूचना पुलिस के साथ ही घरवालों को दी। पुरुषोत्तम की हत्या की सूचना मिलते ही गांव वालों के साथ ही परिवारीजन मौके पर पहुंच गए।
सरेराह हत्या की सूचना मिलते ही एसपी अनुराग आर्य, एएसपी बीसी दूबे कई थानों की पुलिस व पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। घर वाले शव हाईवे के किनारे रखकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए।
एसपी ने पीड़ित परिवार को हर हाल में हमलावरों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब जाकर करीब ढाई घंटे बाद वे माने और शव पुलिस को सौंपा। एसओ जगदीशपुर रमाकांत ने बताया कि हत्या में चार से पांच लोगों का नाम प्रकाश में आया है। पीड़ित परिवार ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज किया जाएगा।
मकदूमपुर गांव निवासी पुरुषोत्तम तिवारी के घर में बुजुर्ग पिता भगवान दत्त तिवारी, मां राजकली, पत्नी निर्मला के साथ ही तीन बेटे प्रभाकर, दिवाकर और सुधाकर हैं। पुरुषोत्तम की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।