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बांध

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25 हजार लोगों को गोमती नदी की बाढ़ से बचाएगा बांध
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सुल्तानपुर। बल्दीराय क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांवों को अब गोमती नदी की बाढ़ का कहर नहीं झेलना पड़ेगा। बांध बनने से उन्हें बाढ़ के नुकसान से निजात मिल गई है। पिपरी गांव के पास गोमती नदी के किनारे 1750 मीटर तटबंध का निर्माण केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के प्रयास से सिंचाई विभाग ने करवाया है। सवा पांच करोड़ रुपये की लागत से बने बंधे से क्षेत्र की 25 हजार आबादी को फायदा मिला है।

पिपरी गांव में बाढ़ के दौरान होने वाली कटान से आसपास के ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। वर्ष 2008 में गोमती नदी में आई बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी। इस दौरन करीब डेढ़ सौ मीटर पक्की सड़क बह गई थी। आसपास के गावों में बाढ़ का पानी घुस गया था। तब से क्षेत्रवासी कटान को रोकने के लिए बांध के निर्माण की मांग कर रहे थे।
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ग्रामीणों ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार भी किया था। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर इलाकाई लोगों ने दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की और गोमती नदी की बाढ़ से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। लोगों की मांग पर स्मृति ईरानी के प्रयास से सवा पांच करोड़ की लागत से पिपरी गांव के पास 1750 मीटर बांध बनाने को मंजूरी मिली।

सिंचाई विभाग खंड-16 के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम की देखरेख में काम शुरू करवाया गया। हालांकि करीब 600 मीटर निर्माण के बाद मुआवजे को लेकर गत वर्ष कार्य बंद हो गया था। अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को समझाकर निर्माण कार्य शुरू करवाया। शेष बचे 1150 मीटर बांध के निर्माण कार्य का आखिरी चरण भी पूरा कर लिया गया है। बांध बनने से अब गोमती नदी के किनारे बसे करीब दर्जन भर गांवों को बाढ़ से निजात मिल गई है।

इसके निर्माण से करीब 25 हजार की आबादी को बाढ़ से होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि पिपरी गांव के पास 1750 मीटर का बांध बनकर तैयार हो गया। बांध का निर्माण योजनाबद्ध ढंग से कराया गया है। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी कटान की आशंका नहीं है।
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इन गांव के लोग थे प्रभावित
गोमती नदी में बाढ़ आने से क्षेत्र के पिपरी, जमालपुर, नेवादा, गौरा, परानी, कांकरकोला, उमरा, कांपा, पीपरगांव, पूरे बुद्धी, छतारी, पूरे जबर समेत आसपास के कई अन्य गांव प्रभावित थे। बांध के निर्माण से 10 से अधिक गांवों के लोगों को बाढ़ की समस्या से निजात मिलेगी।
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