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स्वाट टीम के हत्थे चढ़े छह इनामी डकैत

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स्वाट टीम के हत्थे
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चढ़े छह इनामी डकैत
क्रासर

रायबरेली व गौरीगंज में भी डाली थी डकैती
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो संख्या-22
गौरीगंज। संदिग्धों की चेकिंग में जुटी स्वाट विंग व मोहनगंज पुलिस की संयुक्त टीम को बुधवार रात बड़ी सफलता हाथ लगी। संयुक्त टीम ने छह संदिग्धों को पकड़ा तो वे इनामी डकैत निकले। पकड़े गए डकैतों ने गौरीगंज व रायबरेली के साथ ही बीते 23 मई को मोहनगंज थाना क्षेत्र में मां-बेटे की हत्या कर लाखों रुपये की डकैती की बात स्वीकार की। पकड़े गए डकैतों का चालान बृहस्पतिवार दोपहर बाद न्यायालय भेजा गया।
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बीते 23-24 मई की रात मोहनगंज थाना क्षेत्र के जामोंदीप गांव में डकैतों ने ईंट से कूचकर मां बेटे की हत्या करने के बाद एक लाख से अधिक रुपये का सामान लूटा था। डकैत घर में मौजूद दो मोबाइल भी उठा ले गए थे। मामले के खुलासे में जुटी स्थानीय पुलिस को सफलता नहीं मिलने पर एसपी पूनम ने मामले की जांच स्वाट टीम को सौंपते हुए मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एएसपी बलरामाचारी दुबे को दी थी। घटना के खुलासे के प्रयास में जुटी स्वाट टीम बुधवार शाम राजागंज चौराहे पर संदिग्धों को चेक कर रही थी। इसी बीच मुखबिर ने शंकरगंज चौराहे पर छह संदिग्धों के मौजूद होने की सूचना दी। सूचना पर सक्रिय स्वाट टीम प्रभारी शिवाकांत पांडेय संयुक्त टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो संदिग्ध भागने लगे। संदिग्धों को दौड़ाकर पकड़ा गया तो वे शातिर डकैत निकले। डकैतों की पहचान गढ़ी पूरे अलादीन थाना मोहगंज निवासी ओम प्रकाश, इसी गांव के वीरेंद्र, समर बहादुर व असनी थाना महराजगंज जिला रायबरेली निवासी आशीष, मुकेश व अमरहा डलमऊ निवासी सुरेश के रूप में हुई। बृहस्पतिवार को मीडिया से मुखातिब एएसपी ने बताया कि पकड़े गए गिरोह का सरगना ओम प्रकाश बावरिया के अंदाज में डकैती डालता है। इसके पहले वह पांच डकैती की घटनाओं दस लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। सभी हत्याएं ईंट से कूंचकर की गई हैं। एएसपी ने घटना का खुलासा करने पर संयुक्त टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
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