शहर से सटे अमहट स्थित बुलेट शोरूम का निरीक्षण करतीं एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला। स्रोत-परिवहन व
सुल्तानपुर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश पर सोमवार को जिले में परिवहन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला और पीटीओ शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई का मुख्य निशाना मॉडिफाइड और तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहन रहे।
अभियान के दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में आठ दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। जांच टीम ने अमहट स्थित एक वाहन एजेंसी का औचक निरीक्षण भी किया। एजेंसी संचालक को सख्त निर्देश दिए गए कि मॉडिफाइड साइलेंसर या शोर करने वाले उपकरणों की बिक्री और फिटिंग न की जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक लाख रुपये जुर्माना और एक वर्ष की जेल का प्रावधान है।
एआरटीओ प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि अवैध मॉडिफिकेशन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चालकों का न केवल चालान होगा, बल्कि उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और वाहन का पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है। विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।